भारतीय पत्रकारिता में सुधार के लिए यह जरूरी है कि वर्ष 2013 में आई पत्रकारों की न्यूनतम योग्यता से सम्बन्धित न्यायमूर्ति मारकंडेय काटजू समिति की संस्तुतियों (Recommendations of Jstice Katju Committee concerning minimum qualification for journalists in 2013) को पूरे भारत में केन्द्र स्तर से लेकर गाँव स्तर तक लागू किया जाए। यदि जरूरत पड़े तो इसके लिए भारतीय संविधान में संशोधन करके 'भारतीय मीडिया परिषद' बनाकर उसको जस्टिस काटजू कमिटी द्वारा पत्रकारों की योग्यता व पात्रता के सम्बन्ध में दी गई संस्तुतियों के आधार पर अपने यहाँ पत्रकारों को नियुक्त न करने वाले मीडिया संगठनों(समाचारपत्रों, पत्रिकाओं, टीवी-रेडियो चैनलों, न्यूज वेबसाइटों, न्यूज पोर्टलों इत्यादि) को अवैध करने और उनका लाइसेंस निरस्त करने का अधिकार दिया जाए। साथ ही भारतीय मीडिया कमीशन को प्रत्येक राज्यों, मंडलों, जिलो और ब्लॉकों में ऐसे सूचना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति का अधिकार दिया जाए जो पत्रकारीय आचार संहिता या 'मीडिया एथिक्स' की अच्छी तरह से निगरानी (Monitoring) करें। इस 'भारतीय मीडिया परिषद' को 'स्वतंत्र लोकपाल' या 'स्वतंत्र न्यायपालिका' की तर्ज पर गठित किया जाए। साथ ही इस परिषद को सभी पत्रकारों के लिए यथोचित वेतन और भत्ते तय करने का भी अधिकार प्रदान किया जाए।
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